अमीर पैसे के लिए काम नहीं करते | Rich Dad Poor Dad

रॉबर्ट क्योंसाकी एक ऐसी किताब जो बहुत ही आसान भाषा में पैसों का मतलब सीखा जाती है? एक ऐसी किताब जिसे हमें स्कूल में सारे सब्जेक्ट से पहले पढ़ाना चाहिए था एक ऐसी किताब जिससे जितनी बार भी पढ़ो, हर बार कुछ नया सीखने को मिलता है तो दोस्तों आज के इस वीडियो में मेरी फेवरेट और आई थिंक लाखों लोगों की फेवरेट बुक रेज़िडेंट फोर्ड इसकी डिटेल्स हमारी मैं आपको बताने जा रहा हूँ। इससे पहले आपने इस बुक के काफी सारे वीडिओज़ देखे होंगे। बट आज मैं आपको इस बुक के कुछ ऐसे इम्पोर्टेन्ट लहसन बताने जा रहा हूँ जो शायद आपलोगों ने नहीं पढ़े और सुने होंगे।

तो आज का ये वीडियो काफी स्पेशल है क्योंकि आज आपको पैसों के बारे में वो लेसन मिलने वाले हैं, जो आपकी लाइफ को सच में चेंज करके रख देंगे। तो चलिए शुरू करते हैं। 


 अमीर पैसे के लिए काम नहीं करते, पैसा उनके लिए काम करता है rich do not work for money, money works for them

यानी अमीर लोग पैसों के लिए काम नहीं करते बल्कि पैसा अमीरों के लिए काम करता है। तो जब हम छोटे होते हैं तो हमें बड़े से बड़े इंसान बनना होता है। हम बचपन में जब मूवीज़ देखते थे तो हमें ऐक्टर बनना था। जब हम क्रिकेट देखते थे तो हमें क्रिकेट बनना होता था। बट जैसे जैसे हम बड़े होते जाते हैं, हमें लगने लगता है की यार ये सब तो मैं अचीव कर ही नहीं सकता।

और इतना सारा पैसा कमाना तो मेरे बस की बात ही नहीं है और जैसे तेरे से हम एक नौकरी की तलाश में निकल जाते हैं की बस किसी भी तरह से 115 ₹20,000 की नौकरी मिल जाए और मैं अपने खर्चे पानी निकाल सकू ताकि समाज मुझे निकलना बोले और इसी चक्कर में हम मिडल क्लास लोगे कैसे? ट्रैप में फंस जाते हैं, जो हमें अमेरिकी तरफ नहीं, गरीबी की तरफ लेता चला जाता है। एक ऐसी रेस का हिस्सा बन जाते हैं जिसके बारे में हमें पता तक नहीं होता। महीने की गिनी चुनी सैलरी आती है जिससे घर का खर्चा, लाइट, पानी का बिल ये सब मैनेज करते हैं और जब सैलरी भी कम पड़ जाती है तो क्रेडिट कार्ड और ईएमआई के चक्कर में फंस जाते हैं।

और ये रेट रेस्ट लाइफ टाइम चलती रहती है क्योंकि हम अपनी लाइफ से गिवअप कर चूके होते हैं और पैसा हमें गुलाम बना लेता है और ना चाहो तो ये भी उसकी गुलामी करते रहते हैं, क्योंकि अगर काम पे नहीं गए तो सैलरी कहाँ आएगी? सैलरी नहीं आती तो खर्चे कैसे मैनेज होंगे? यही चिंता हमें रात भर सोने नहीं देती और पैसा हमारी बुरी तरीके से हालत खराब कर देता है। अब कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो को पहले से ही भांप लेते हैं और वो पैसे के लिए नहीं। पैसा उनके लिए काम करता है। उन्हें रोज़ सुबह उठकर जॉब के लिए नहीं निकलना पड़ता। उन्हें ऑफिस में जाकर बॉस को जवाब नहीं देना होता है। उन्हें वेकेशन पर जाने के लिए बहुत से छुट्टी के लिए हाथ पैर नहीं जोड़ने होते हैं।

देखिये वो खुद की मर्जी के मालिक होते हैं। वह एक ऐसा सिस्टम बना लेते है जहाँ पैसा उनके लिए काम करता है जहाँ वो पैसो की गुलामी नहीं बल्कि पैसा उनका दोस्त बन जाता है। उनके एक इनकम सोर्स नहीं होते है जिसपे वो लोग डिपेंड करते हैं जबकि उन्हें हर तरफ से पैसा कमाने की ऑपर्च्युनिटी दिखाई देती है। अभी ये कैसे होता है की एक गरीब और एक मिडल क्लास इंसान कभी अपने पैसों को मैनेज नहीं कर पाता। वहीं एक अमीर इंसान बहुत ही अच्छे से पैसों को मैनेज भी करता है और अपनी संपत्ति को भी बढ़ाता जाता है। कानसर है कैश फ्लो तो चलिए जानते हैं लेसन नंबर टू लेवल ऑफ फाइनैंस बेस्ड ऑन कैश फ्लो

ऐसा आपकी जेब में कितना पैसा आता है और कहाँ कितना निकल जाता है? इस चीज़ को कैश फ्लो बोला जाता है और इसके लिए आपको ऐसेट और लायबिलिटी के बारे में अच्छे से पता होना चाहिए। ऐसेट वो चीजें जो हमारी जेब भरती है और हमें अमीर बनाती है जबकि लाइबिलिटीज वह चीजें जो हमारी जेब खाली करके हमें गरीबी के रास्ते पर ले जाती है। एक इंसान जो अपने कैश फ्लो को अच्छे से मैनेज करता है वो कम पैसों में भी अमेरिकी रास्ते पर जा सकता है। पर जो इंसान इसे नहीं समझ पाता वो लाइफटाइम मिडल क्लास में ही रह जाता है तो कैश फ्लो के आधार पर दुनिया में चार तरह के लोग पाए जाते हैं। पहले कैश फ्लो नेगेटिव

दूसरे कैश फ्लो न्यूट्रल, तीसरे कैश फ्लो पॉज़िटिव और चौथे फाइनैंशली फ्री। पहले कैश लोन नेगेटिव दोस्तों ज़रा इस चार्ट को देखिये जैसे की नाम से ही पता चल रहा है। इनका कैश फ्लो नेगेटिव में ही होगा। यानी की इस चाट में हम देख सकते हैं कि इस तरह के लोग जितनी भी इनकम होती है वो सारे इनके एक्स्पेन्सस में निकल जाती है। यानी की चाट में अगर आप इन के एक्स्पेन्सस देखोगे तो इनका फूड पर खर्च आई मी पररेंट पर खर्चा, क्रेडिट कार्ड का बिल ये सब इतना होता है की इनके पास मंथ एंड है तो कुछ बचता ही नहीं है। बचाना तो छोड़ो, इस तरह के लोगों के एक्स्पेन्स ही इनकी इनकम से ज्यादा होते है। जैसे की अगर इनकी सैलरी 20,000 है तो इनके खर्चे 25,000 के

जिसे मैनेज करने के लिए क्रेडिट कार्ड लेंगे और उनका बिल भरने के लिए अगले महीने दूसरा क्रेडिट कार्ड लेंगे। और ये साइकिल चलती रहती है। कभी कभी तो इनका खर्चा इतना हो जाता है की इन्हें अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी पैसे मांगने पड़ते हैं और एक बार पैसे लेने के बाद ये दुनिया में मुँह छुपाए घूमते हैं की कहीं कोई पैसा ना मांग लें और सारी जिंदगी इसी तरह बिता देते हैं। इसलिए इनका जो कैश फ्लो होता है वो नेगेटिव में होता है। यानी कि इनकी इनकम से ज्यादा इनके एक्स्पेन्सस होते हैं। अब दूसरा आता है कैश फ्लो न्यूट्रल। इस तरह के लोग दुनिया में सबसे ज्यादा पाए जाते हैं, जिन्हें हम मिडल क्लास भी बोल सकते हैं।

ज़रा इस चार्ट को देखिये की इनकी जो भी इनकम आती है वो इनके एक्स्पेन्सस के बराबर होती है। यानी की अगर ये महीने का 20,000 कमाते हैं तो इनके एक्स्पेन्सस भी लगभग 20,000 के ही होते है। हाँ, ये लोग कभी कभी किसी महीने कंजूसी करके अपने पैसे सेव कर लेते हैं और उन्हें एफडी, पीपीएफ और एनपीएस जैसी जगहों में इन्वेस्ट कर देते हैं। जैसा कि हम इस चार्ट में देख सकते हैं। बाकी इनके भी अगर एक्स्पेन्सस देखो तो वही फूड का खर्चा, रेंट का खर्चा, कार की ईएमआई और क्रेडिट कार्ड का बिल चलते ही रहते हैं तो इनकी इनकम इनके एक्स्पेन्सस के ईक्वल होने के कारण ऐसे लोग कैश फ्लो न्यूट्रल की कैटेगरी में आते हैं। यानी ये लोगचेक टु पे चल जीते हैं। जितना कमाया उतना खर्च कर दिया। सेविंग के नाम पर एक दो एफडी मिल जाये तो मिल जाये ये लोग। फिर भी कैश फ्लो नेगेटिव वाले लोगों से तो बेहतर होते है। एटलिस्ट इन्हें उधारी का पैसा चुकाने के लिए मुँह तो नहीं छुपाना पड़ता। अब आते हैं तीसरे टाइप के लोग कैश फ्लो पॉज़िटिव जैसे की नाम से ही पता चल रहा है। इनका कैश फ्लो पॉज़िटिव में होगा। चलिए इस चार्ट को देखते हैं तो इस चार्ट में हम देख सकते हैं जो भी इनकी इनकम आती है उससे ये लोग पहले ऐसेट क्रिएट करते हैं। जैसे स्टॉक्स में पैसा इन्वेस्ट करना या फिर ये लोग प्रॉपर्टी को किराये पर चढ़ाकर उसे रेंटल इनकम क्रिएट करते हैं या फिर इनके पास कोई ना कोई स्किल होती है जैसे ये एक्स्ट्रा मनी ऑन कर लेते हैं तो कहने का मतलब इनके पासएक से ज्यादा इनकम के सोर्स होते हैं और इनके जो खर्चे होते है जैसे इस चार्ट में देखो फूड पे खर्चा, गाड़ी के फ्यूल पे खर्चा और क्रेडिट कार्ड का बिल और कैश फ्लो न्यूट्रल और कैश फ्लो पॉज़िटिव वाले लोग एक जैसे लग सकते हैं। बस डिपेंड करता है की एक जहाँ आई मी बढ़ता है वहीं दूसरा उससे पैसा कमाता है। इसलिए इनकी जो भी इनकम होती है वो इनके एक्स्पेन्सस से ज्यादा होती है और ये पैसा इन्वेस्ट करते रहते हैं जिससे इनका कैश फ्लो हमेशा पॉज़िटिव में ही रहता है और ग्रो होता रहता है। अब आते है फोर्थ टाइप के लोग फाइनैंशली फ्री अब दुनिया में बहुत ही ऐसे कम लोग पाए जाते हैं जिनके लिए असल में पैसा काम करता है। वो लोग पैसे के लिए काम नहीं करते हैं।

इनके चार्ट को देखो। इनकी जो भी इनकम होती है उस्से इनके कई तरह के ऐसेट्स बनते हैं जैसे स्टॉक्स, रेंटल इनकम और सबसे मेन चीज़। इनके बिज़नेस भी होते हैं जहाँ पर लोग इनके लिए काम करते हैं और इनका मेन खर्चा ईएमआई भरने में नहीं है। जबकि ट्रैवल करने में जाता है जहाँ ये लोग आराम से पूरी दुनिया घूमते हैं और इनके बिना भी इनका काम चलता रहता है। इसलिए इनकी जो भी इनकम होती है वो इनके एक्स्पेन्सस से कई गुना ज्यादा होती है तो कैश फ्लो के अकॉर्डिंग चार तरह के लोग पाए जाते हैं। अब आप मुझे कमेंट करके बताइए की आप किस कैटेगरी से बिलॉन्ग करते हैं? तो बताये लेसन नंबर थ्री

Be Brave

रॉबर्ट क्या बोलते है की अक्सर लोग अमीर क्यों नहीं बन पाते या लाइफ में जो चीज़ चाहते हैं उसे हासिल क्यों नहीं कर पाते? वेल उसका आन्सर हैं। उन्हें लगता है की एवरीथिंग इस रिस्की लोगों को लगता है की हमें तो बस एक सिक्योर जॉब मिल जाए जिससे मेरा घर चल जाये और मैं आराम से। ईएमआई में एक फ़ोन और एक गाड़ी ले लू और बस बहुत है। ज्यादा रिस्क रिस्क नहीं लेना और रॉबर्ट बोलते है की इस तरह की लाइफ जीना ही सबसे बड़ा रिस्क है जहाँ आपके पास ऐसेट नहीं है।

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